
अब आयुर्वेद को सहायक चिकित्सा के रूप में अपनाया जा रहा है। कुछ प्रमुख उदाहरण:
•कैंसर उपचार के दौरान ‘आयुर्वेदिक इम्यूनोमॉड्यूलेटर’ का उपयोग किया जाता है।
•‘डायबिटीज मैनेजमेंट’ में आयुर्वेदिक औषधियाँ जैसे गिलोय और जामुन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
•उच्च रक्तचाप और हृदय रोगों में अर्जुन की छाल का प्रयोग किया जाता है