नवरात्र केवल एक त्योहार नहीं है; यह हमारी संस्कृति में निहित नौ दिनों का एक स्वास्थ्य–उपवास शिविर है।

यदि हम इन अनुष्ठानों को सजगता से निभाएँ और स्वास्थ्य–सचेत विकल्प अपनाएँ, तो हम इन नौ रातों से और भी हल्के, शांत और मज़बूत होकर निकल सकते हैं — अपने भीतर शक्ति स्वरूपा माँ दुर्गा का स्वागत करने के लिए तैयार।