“From milk to manure — the cow has remained our eternal teacher of sustainability.”
पंचगव्य – दूध, दही, घी, गोबर और गौमूत्र – न केवल भारतीय जीवन पद्धति का प्रतीक हैं, बल्कि स्वास्थ्य, समृद्धि और संतुलन के स्तंभ भी हैं। पंचगव्य से पंच परिवर्तन के इस तथ्य को वैज्ञानिक और नीतिगत दोनों दृष्टि से पुनः पुष्ट किया है|

“नमो गोभ्यः, नमो देव्यै गौमातरे।”